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Bhojpuri: नीतीश ना, बिहार के राजनीति के सिरमौर हवन लालू यादव

लालू यादव के बिना आरजेडी के बारे में सोचले ना जा सकेला. ऊ जेल में रहस, अस्पताल में रहस भा जेल से बाहर रहस, उनकर पोलीटिक्स कबो खतम ना होला. नेता-कार्यकर्ता लोग के जमघट लागले रहेला. लालू के जलवा एही से समझल जा सकेला कि 2014 के बाद जब देशभर में नरेंद्र मोदी के आन्हीं चलत रहे त नीतीश के संगे मिल के आरजेडी चुनाव महागठबंधन बना के लड़ल आ भाजपा के पानी पिया दिहलस. जेल में रहला के बादो लालू के रणनीति पर वामपंथी दल आ कांग्रेस के संगे आरजेडी फेर महागठबंधन बनवलस आ 2020 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनावे के जादुई आंकड़ा से दर्जन भर पीछे रह गइल. तबो सबसे बड़ पाटी बन के बिहार में आरजेडी उभरल.

दर्जन भर विधायक के बंदोबस्त खातिर लालू जी के कोशिश अबहियो जारी बा. सुने में आवता कि नीतीश सरकार से इस्तीफा देबे पर अड़ल एगो मंत्री मदन सहनी दिल्ली में लालू से भेंट करे गइल बाड़े. हम (से) के नेता पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी आ वीआईपी के मुकेश सहनी भी नीतीश जी से जवनी गंतिया बदकत रहेला लोग, ओह से ई शंका हमेशा बनल रहेला कि ऊ लोग कबो नीतीश कुमार के धोखा दे सकेला. लालू जी दिल्ली में बइठल राजनीति के लतरी-दहिनी रसरी बरत रहतारे.

आज आरजेडी आपन 25वां स्थापन दिवस मना रहल बा. लालू के बेटा तेजस्वी यादव दू-अढ़ाई महीना बाप के संगे दिल्ली में रहले हां. उहां से लवटते ऊ कह दिहले कि नीतीश जी के सरकार दू-तीन महीना के मेहमान बा. ओकरा बाद आज स्थापना दिवस में लालू जी संबोधन से आरजेडी के नेता-कार्यकर्ता में जोश भर गइल बा. आरजेडी के स्थापना से उठान तक में लालू के बड़हन भूमिका रहल बा, एकरा से केहू के इनकार ना हो सकेला.

यूपी के बार्डर पर बसल गोपालगंज जिला के गांव फुलवरिया में अहीर परिवार में पैदा लालू यादव एक दिन बिहार के मुखिया बनिहें, ई त केहू सपनो में ना सोचले रहे, बाकिर लरिकाईं से लालू के जवन हाव-भाव लउकत रहे, ओकरा के देख के एतना त सभका मन में ई बात समा गइल रहे कि ओह लड़िका में कुछ खास बा. एकर कवनो लिखंत जिकिर त कहीं ना मिलेला, बाकिर गांव के लोग बतावेला कि छह बरिस के उमिर में लालू इसलेट पर ईंटा के टुकड़ा से टेढ़-मेढ़ लकीर खींचत रहले. ओह बेरा गांव के एगो सवर्ण परिवार के केहू देखल त मजाक उड़ावल कि हुंह, अब ग्वार-गंवार के लड़िका भी पढ़े लगले सन.

लोग बतावेला ओह बेरा लालू के चाचा पटना से गांवे आइल रहले. ऊ पटना में वेटनरी कालेडज में काम करस. उनकर दू जने भतीजा माने लालू के भाई लोग भी उहें रहे आ दूध बेचे के काम करे. चाचा के जेतना खुशी एह बात के रहे कि लालू इसलेट पर लिखत-पढ़त बाड़े, ओतने खराब ई लागल कि एकर केहू मजाक उड़ावत बा. अगिला दिने ऊ लालू के संगे लेके पटना चल गइले. तब लालू के उमिर छह-सात साल के रहल होई. लालू जी के पढ़ाई-लिखाई के नेंव पर गइल.

लालू जी बीच-बीच में गांवे जाइल करस आ गांव के लड़िकन के संगे खूब खेलस. ऊ गीतो नीमन गावस. उनकर गीत सुने खातिर गांव भर के लड़िका जुटत रहले सन. ओइमें उनका बिरादरी के अलावा सवर्ण लोग के घर के लड़िका-लड़की भी शामिल होखअ सन. लालू एह बात से बेफिकिर रहले कि सवर्ण लोग के उनकर पढ़ल-लिखल ना सोहाला.

लालू जी पढ़त-पढ़त बीए तक पहुंच गइले. उनकर मन नेतागीरी में लागे लागल. ऊ छात्र यूनियन के नेता बन गइले. बाद में जयप्रकाश नारायण के छात्र आंदोलन में शामिल भइले. देश में इंदिरा जी जब इमरजेंसी लगवली त 1975 से 1977 ले ऊ जेल में रहले. उनकरा पर मीसा के धारा लागल रहे. ओही टाइम में उनकर एगो बेटी भइल. ओकर नाम लालू जी मीसा भारती रखले. जनता पाटी बनल ऊ त ओकर नेता हो गइले. लालू जी के राजनीति के ई शुरुआत रहे.

1980 में पहिलका बेर ऊ एमपी बनले. बाद में ऊ रेल मंत्री भइले. उनका राजनीतिक जीवन में सबसे बड़ मोड़ तब आइल, जब ऊ अपना सगरी विरोधी लोग के धकिया के 10 मार्च 1990 में बिहार के बीसवां मुख्यमंत्री के शपथ लिहले. उनकर शपथग्रहण भी ऐतिहासिक मानल जाला. पहिला बेर शपथग्रहण के कार्यक्रम राजभवन से बाहर निकलल. गांधी मैदान में शपथ समारोह भइल आ करीब पांच हजार लोग जुटल रहे. ओकरा बाद से उनकर राजनीति के गाड़ी सरसरात भागत रहल. 2005 में नीतीश कुमार ओकरा पर ब्रेक लगवले, जब ऊ मुख्यमंत्री बनले. एह बीच में पशुपालन घोटाला में लालू जी का जेल जाये के परल. तब ऊ अपना मेहरारू राबड़ी देवी के सीएम बनवा दिहले. 15 बरिस ले बिहार के राज उनकर परिवार चलवलस.

लालू के सुभाव अइसन रहे कि उनका केहू से बिगाड़ ना होखे. ओह बेरा राजनीति में जेतना खेमा रहे, सभे में ऊ अपना सुभाव से तालमेल बना के राखस. उनकरा सीएम बने के कहानी भी गजबे बा. बतावल जाला कि मार्च 1990 में बिहार विधानसभा के चुनाव भइल त जनता पार्टी के 120 गो एमएलए जीतले. सबसे बड़ पाटी के नाते सरकार जनता पाटी के बनावे के रहे. दू गो निर्दल विधायक भी जनता पाटी के साथ दिहले रहले. वीपी सिंह परधानमंत्री रहले. लोकदल से आपन राजनीतिक कैरियर शुरू करे वाला यूनुस सलीम ओह बेरा बिहार के गवर्नर रहले. चौधरी चरण सिंह के बेटा अजीत सिंह पर्यवेक्षक दल के ओह तीन आदमी के टीम में शामिल रहले, जेकरा के वीपी सिंह भेजले रहले. सीएम खातिर तीन गो नाम सामने रहे. सबसे बड़ दावा रामसुंदर दास के रहे. ओकरा बाद रघुनाथ झा के नाम आइल. लालू तीसरका आदमी रहले.

इहे ऊ अवसर रहे, जब लालू के अपना राजनीतिक सूझबूझ के परिचय देबे के रहे. रामसुंदर दास वीपी सिंह के पसंद रहले. सवर्ण लोग के साथ रामसुंदर दास के मिलल पक्का रहे. लालू बुद्धि भिड़ा के चंद्रशेखर जी के पटवले. रघुनाथ झा चंद्रशेखर जी के सबसे बड़ भरोसा के आदमी रहले. चंद्रशेखर जी कहला पर रघुनाथ झा आपन उम्मीदवारी पेश क दिहले. एह से सवर्ण वोट के बंटवारा होखे के चांस बढ़ गइल. ओह इलेक्शन में 33 गो एमएलए अहीर जाति के चुन के आइल रहले.

वोटिंग भइल त लालू के नाम पर 59, रामसुंदर दास के नाम पर 56 आ रघुनाथ झा के 12 गो वोट मिलल. एह से साफ हो गइल कि लालू सीएम बनिहें. बाकिर वीपी सिंह के कहला पर गवर्नर सलीम साहेब उनका बोलइबे ना कइले. उल्टे ऊ दिल्ली खातिर निकल गइले. लालू उनका एयरपोर्ट ले पीठियवले, बाकिर उनकर जहाज उड़ चुकल रहे. अब लालू देवीलाल के पैरवी कइले. देवीलाल आ वीपी सिंह में बेपटरी जगजाहिर रहे. देवी लाल के कहला पर सलीम साहेब के लालू के नेवता देबे के परल आ 10 मार्च 1990 के लालू यादव बिहार के बीसवां सीएम बन गइले. ई सगरी खेल 7 मार्च से 10 मार्च 1990 के बीच भइल.

बाद में जनता पाटी में खिटपिट भइल आ लालू यादव 5 जुलाई 1997 के राष्ट्रीय जनता दल के स्थापना कइले. आज राष्ट्रीय जनता दल के 25 साल पूरा हो गइल. एह बीच में पशुपालन घोटाला में लालू जी के सजा हो गइल. अबहीं ऊ जमानत पर जेल से बाहर दिल्ली में अपना बेटी के संगे बाड़े. आज उहो पटना में होखे वाला स्थापना दिवस समारोह में अपना भाषण से नेता-कार्यकर्ता लोग में जान फूंकले हां. (ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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