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बिहार: साइबर क्रिमिनल छोटू चौधरी ​गिरफ्तार, ऑक्सीजन के नाम पर करोड़ों की ठगी का है आरोपी

नई दिल्ली/ नालंदा. बिहार (Bihar) के नालंदा (Nalanda) जिले में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. यहां के सारे थाना क्षेत्र में दिल्ली साइबर क्राइम पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना छोटू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. छोटू पर ऑक्सीजन के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप है.

दरअसल, छोटू चौधरी कोरोना काल में मरीज के परिजनों से ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के नाम पर कई लोगों से ठगी करने की काम किया था. इतना ही नहीं उनके करीब तीन सौ से अधिक गुर्गे भी ठगी के अवैध कारोबार में शामिल थे.

पूर्व में 3 दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

इधर लगातार ठगी की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस ने स्थानीय पुलिस के मदद से नालंदा में कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था. मुख्य सरगना छोटू चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापामारी की जा रही थी, लेकिन वह जिला छोड़कर भागने में सफल रहा था.

गुप्त सूचना पर पुलिस ने किया गिरफ्तार

इधर दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस कई दिनों से नलंदा में डेरा डाले हुए थी और स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार करने के लिए घेराबंदी कर रही थी. जिसके बाद शनिवार को सूचना मिली कि वह सारे थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ है. जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.

ऑक्सीजन सिलेंडर ऑनलाइन बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा

पुलिस के मुताबिक छोटू चौधरी की के गुर्गे पहले फ्लिपकार्ट, फोनो फ्रेंडशिप, जैसे पुराने तरीके से फर्जीवाड़े को अंजाम देता था, लेकिन इस कोरोना संक्रमण काल के दौरान इस महामारी को उसने अवसर बनाकर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य मेडिकल मसलों के नाम पर साइबर अपराध के मामले को अंजाम देने में जुट गया.

मानपुर के पलनी गांव का है छोटू चौधरी

बता दें कि छोटू चौधरी मानपुर थाना क्षेत्र के पलनी गांव के रहने वाला है और वह अपने सैकड़ों युवाओं को अपने साथ जोड़ कर लोगों से ठगी करने की काम करता था. गिरफ्तारी के बाद ठगी मामले की हर राज से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है. इस गिरोह में जो हर ढाई सौ से अधिक सदस्य गिरफ्तार होने से बचे हुए हैं, उसकी जानकारी हासिल करने के प्रयास दिल्ली पुलिस करेगी.

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