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बिहार लोजपा: चिराग पासवान ने आशीर्वाद यात्रा के साथ ही किया चाचा से जंग का एलान

अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 06 Jul 2021 03:54 AM IST

सार

स्वर्गीय रामविलास पासवान के जन्मदिन पर उनके बेटे चिराग पासवान ने अपने पिता के संसदीय क्षेत्र हाजीपुर से आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत की।

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लोजपा सांसद चिराग पासवान ने बिहार की धरती पर पहुंचते ही अपने पिता रामविलास पासवान की जयंती के मौके पर चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ जंग का एलान कर दिया है। चाचा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं शेर का बेटा हूं। कभी नहीं डरूंगा, लोग हमें तोड़ने की कितनी भी कोशिश कर लें।

इस दौरान अपने पिता को याद करते हुए चिराग भावुक हो गए। बिहार के लोग ही मेरी ताकत हैं, आज मैं और मेरी मां अकेले हैं। काश हमारे चाचा साथ खड़े होते, लेकिन वो नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक परिवार ने हमें धोखा दे दिया, लेकिन दूसरा परिवार हमारे साथ है। पटना एयरपोर्ट से निकलकर चिराग सीधे पटना हाईकोर्ट के पास आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचे।

चिराग ने अंदर जाकर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहा, लेकिन ताला बंद रहने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं कर पाने से नाराज चिराग पासवान कुछ देर के लिए वहीं धरने पर बैठ गए।

चिराग ने कहा कि आंबेडकर की प्रतिमा को सरकार ताले में बंद कर सकती, लेकिन उन्हें मेरे दिल से नहीं निकाल सकती। लगभग 10 मिनट पर धरने पर बैठने के बाद चिराग सीधे हाजीपुर निकल गए। लोजपा के पारस गुट ने पटना स्थित लोजपा कार्यालय में दिवंगत रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। मौके पर पारस गुट के सभी सांसद मौजूद थे।

पार्टी में अपनी पकड़ साबित कर रहे चिराग
बता दें कि चिराग पासवान के ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। चिराग हाजीपुर से आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं और यहां से उनके चाचा पशुपति कुमार पारस सांसद हैं। पारस ने पांच और सांसदों को अपने साथ मिलाकर चिराग को अकेले कर दिया है, जबकि पार्टी में चिराग पासवान लोजपा में अपनी पकड़ साबित करने के लिए जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। 

विस्तार

लोजपा सांसद चिराग पासवान ने बिहार की धरती पर पहुंचते ही अपने पिता रामविलास पासवान की जयंती के मौके पर चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ जंग का एलान कर दिया है। चाचा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं शेर का बेटा हूं। कभी नहीं डरूंगा, लोग हमें तोड़ने की कितनी भी कोशिश कर लें।

इस दौरान अपने पिता को याद करते हुए चिराग भावुक हो गए। बिहार के लोग ही मेरी ताकत हैं, आज मैं और मेरी मां अकेले हैं। काश हमारे चाचा साथ खड़े होते, लेकिन वो नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक परिवार ने हमें धोखा दे दिया, लेकिन दूसरा परिवार हमारे साथ है। पटना एयरपोर्ट से निकलकर चिराग सीधे पटना हाईकोर्ट के पास आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचे।

चिराग ने अंदर जाकर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहा, लेकिन ताला बंद रहने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं कर पाने से नाराज चिराग पासवान कुछ देर के लिए वहीं धरने पर बैठ गए।

चिराग ने कहा कि आंबेडकर की प्रतिमा को सरकार ताले में बंद कर सकती, लेकिन उन्हें मेरे दिल से नहीं निकाल सकती। लगभग 10 मिनट पर धरने पर बैठने के बाद चिराग सीधे हाजीपुर निकल गए। लोजपा के पारस गुट ने पटना स्थित लोजपा कार्यालय में दिवंगत रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। मौके पर पारस गुट के सभी सांसद मौजूद थे।

पार्टी में अपनी पकड़ साबित कर रहे चिराग

बता दें कि चिराग पासवान के ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। चिराग हाजीपुर से आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं और यहां से उनके चाचा पशुपति कुमार पारस सांसद हैं। पारस ने पांच और सांसदों को अपने साथ मिलाकर चिराग को अकेले कर दिया है, जबकि पार्टी में चिराग पासवान लोजपा में अपनी पकड़ साबित करने के लिए जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। 

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