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Bihar Politics: मांझी के मन में क्या? बताया तो NDA को मिला सुकून, राजद-कांग्रेस को लगा झटका!

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने सियासी अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया (फाइल फोटो)

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने सियासी अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया (फाइल फोटो)

Jeetan Ram Manjhi News: हाल में ही कांग्रेस और राजद ने दावा किया था कि हम अध्यक्ष मांझी और वीआईपी के मुकेश सहनी एनडीए में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं. जल्दी ही वे नया फैसला लेंगे और इस मानसून में एनडीए की नाव बिहार में डूब जाएगी.

पटना. वर्तमान बिहार की राजनीति में सबसे अधिक किसी बात की चर्चा है तो वह पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के संभावित रुख को लेकर है. हाल में अपने कई बयानों से सूबे की सियासत में हलचल मचाने वाले मांझी के बारे में कहा जा रहा था कि वे एनडीए छोड़ एक बार फिर महागठबंधन में जा सकते हैं. हालांकि अब उन्होंने ऐसे कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि एनडीए में हैं और एनडीए में ही रहेंगे. जाहिर है इसी के साथ पूर्व सीएम ने बिहार में एनडीए में अपने भविष्‍य को लेकर भी अटकलों पर विराम लगा दिया है.

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक में गुरुवार को मांझी ने कहा कि पार्टी सरकार में रहकर सकारात्मक सोच के साथ दलित और गरीबों के मुद्दे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने उठाती रहेगी.  उन्‍होंने यह भी कहा कि वे उन सभी 34 फैसलों को लागू कराएंगे, जो उन्‍होंने बिहार का मुख्‍यमंत्री रहते लिये थे. मांझी ने कहा कि हमने अपने कार्यकाल में जो 34 निर्णय लिए थे उन निर्णयों को सरकार माने, इसके लिए भी हमें प्रयास करना है. गौरतलब है कि उनके ये फैसले नीतीश कुमार के फिर से मुख्‍यमंत्री बनने के बाद वापस ले लिये गए थे.

मांझी ने कह दी यह बड़ी बात

बता दें कि मांझी ने अपने मुख्यमंत्री काल में वृद्धा पेंशन 400 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने और 20 से 40 वर्ष के पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की और जल्द ही सीएम से मिलकर इसका आग्रह करने की बात कही. बता दें कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की बैठक में इस बात पर आम सहमति रही कि एनडीए में ही रहा जाए और जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार में रहते हुए भी समय-समय पर आवाज दी जाए.मांझी ने खारिज की अटकलबाजी

दरअसल हाल में ही कांग्रेस और राजद ने दावा किया था कि हम अध्यक्ष मांझी और वीआईपी के मुकेश सहनी एनडीए में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं. जल्दी ही वे नया फैसला लेंगे और इस मानसून में एनडीए की नाव बिहार में डूब जाएगी. हालांकि जदयू और भाजपा की ओर से ऐसी किसी भी आशंका को खारिज किया जाता रहा था. बुधवार को भी जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि सरकार में कोई दिक्कत नहीं है. पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और उनके लोग कांग्रेस-राजद को करारा जवाब दे रहे हैं.





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