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बिहार: सजी खड़ी थी कार, चल रही थीं विदाई की रस्में तभी आ गई बाढ़, फिर ऐसे दुल्हन को ले गया दूल्हा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sat, 19 Jun 2021 03:18 PM IST

सार

बिहार के सारण जिले के एक गांव में बारात आई। बारात का स्वागत भी किया गया। रात में सात फेरे हुए।अगले दिन दुल्हन की विदाई की तैयारी की जा रही थी, तभी अचानक गांव में पानी घुस आया। बाराती और घाराती सब छोड़कर भाग गए। जानें मुसीबत की इस घड़ी में पति ने कैसे निभाया साथ…

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अक्सर आपने सुना होगा कि प्रेमिका या प्रेमी ने पहुंच कर रुकवाई शादी या फिर पुलिस ने दिया दखल, लेकिन बिहार में इससे अलग नजारा देखने को मिला। बिहार के सारण जिले के एक गांव में बारात आई। बारात का स्वागत भी किया गया। रात में सात फेरे हुए। दूल्हा और दुल्हन ने सात जन्मों तक साथ निभाने के वचन दिए। अगले दिन दुल्हन की विदाई की तैयारी की जा रही थी, तभी अचानक गांव में पानी घुस आया। बाराती और घाराती सब छोड़कर भाग गए। जानें मुसीबत की इस घड़ी में पति ने कैसे निभाया साथ…

सारण जिले के मसरख थाना क्षेत्र के चैनपुर चरिहार से तरैया-पानापुर सीमावर्ती क्षेत्र सगुनी-रामपुररुद्र-61 में बारात आई थी। तरैया सीमावर्ती क्षेत्र के सगुनी-रामपुररुद्र के रहने वाले दिलीप सहनी की बेटी शिला कुमारी की शादी थी। शादी के लिए लोग गाड़ियों पर बैठकर आए। बारात का स्वागत भी किया गया। रात में सात फेरे हुए। अगले दिन दुल्हन की विदाई की तैयारी की जा रही थी तभी अचानक गांव में पानी घुस आया। दूल्हे की गाड़ी भी सजी धजी कार भी तैयार खड़ी थी।

नाव में हुई विदाई
 जानकारी के मुताबिक, दाई की रस्मे चल ही रही थी कि अचानक गांव में पानी भरने लगा। अचानक गांव में बड़ी तादाद में पानी देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बारातियों में खलबली मच गई। बाराती तो वापस वापस जाने लगे, लेकिन अब दूल्हे को दुल्हन ले जानी की चिंता सताने लगी। गांव में पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। देखते ही देखते पानी से गांव लबालब हो गया। गांव में नाव उतराने लगीं। दूल्हे को दुल्हन के साथ नाव में बिठालकर ले जाया गया। 

विस्तार

अक्सर आपने सुना होगा कि प्रेमिका या प्रेमी ने पहुंच कर रुकवाई शादी या फिर पुलिस ने दिया दखल, लेकिन बिहार में इससे अलग नजारा देखने को मिला। बिहार के सारण जिले के एक गांव में बारात आई। बारात का स्वागत भी किया गया। रात में सात फेरे हुए। दूल्हा और दुल्हन ने सात जन्मों तक साथ निभाने के वचन दिए। अगले दिन दुल्हन की विदाई की तैयारी की जा रही थी, तभी अचानक गांव में पानी घुस आया। बाराती और घाराती सब छोड़कर भाग गए। जानें मुसीबत की इस घड़ी में पति ने कैसे निभाया साथ…

सारण जिले के मसरख थाना क्षेत्र के चैनपुर चरिहार से तरैया-पानापुर सीमावर्ती क्षेत्र सगुनी-रामपुररुद्र-61 में बारात आई थी। तरैया सीमावर्ती क्षेत्र के सगुनी-रामपुररुद्र के रहने वाले दिलीप सहनी की बेटी शिला कुमारी की शादी थी। शादी के लिए लोग गाड़ियों पर बैठकर आए। बारात का स्वागत भी किया गया। रात में सात फेरे हुए। अगले दिन दुल्हन की विदाई की तैयारी की जा रही थी तभी अचानक गांव में पानी घुस आया। दूल्हे की गाड़ी भी सजी धजी कार भी तैयार खड़ी थी।

नाव में हुई विदाई

 जानकारी के मुताबिक, दाई की रस्मे चल ही रही थी कि अचानक गांव में पानी भरने लगा। अचानक गांव में बड़ी तादाद में पानी देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बारातियों में खलबली मच गई। बाराती तो वापस वापस जाने लगे, लेकिन अब दूल्हे को दुल्हन ले जानी की चिंता सताने लगी। गांव में पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। देखते ही देखते पानी से गांव लबालब हो गया। गांव में नाव उतराने लगीं। दूल्हे को दुल्हन के साथ नाव में बिठालकर ले जाया गया। 

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