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बिहार: अफसरशाही को लेकर भाजपा-जदयू आमने सामने

अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 04 Jul 2021 03:16 AM IST

कल्याण मंत्री मदन सहनी और श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार
– फोटो : सोशल मीडिया

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बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग मुद्दे पर समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी के मंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश के बाद बिहार में सरकार चला रहे एनडीए के बीच अब बात सिर्फ जुबानी जंग तक सीमित नहीं रही। अब जदयू-भाजपा के बीच तलवारे खिंचती दिख रही हैं। शनिवार को नीतीश कैबिनेट में शामिल जदयू कोटे के मंत्री मदन सहनी ने भाजपा कोटे के मंत्री जीवेश कुमार के बयान के बाद कहा, मैं नेता हूं। कोई दलाल नहीं। 

बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार ने कहा, बिहार में अफसरशाही हावी नहीं है। बिहार में जनता का काम हो रहा है। इसके बाद सहनी से पूछा गया कि बिहार के मंत्री जीवेश कुमार का कहना है कि बिहार में अफसरशाही हावी नहीं है।

इस पर सहनी ने कहा, कुमार दो-दो विभाग के मंत्री हैं। किस व्यवसाय से यहां तक पहुंचे हैं। मैं सब जानता हूं। वह दवा के व्यवसाय से यहां तक पहुंचे हैं। दरअसल कुमार मिथिलांचल के जाले से विधायक हैं और भारतीय जनता पार्टी में उन्हें एक ब्राह्मण चेहरा के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा रहा है। जबकि मदन सहनी नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं और फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के बेहद खास लोगों में शुमार हैं। 

श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार ने कहा, मंत्री सहनी ने क्या बोला है वह जाने, लेकिन उनके प्रति मेरे मन में कोई भी दुर्भावना नहीं है। इधर विपक्ष ने इस घटना पर चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, दोनों मंत्री एक ही जिले से आते हैं एक दूसरे को बहुत पहले से जानते हैं इसलिए, दोनों को दोनों की खूबियां और खामियां पता हैं।

पहली बार कैबिनेट मंत्रियों में नोकझोंक
गठबंधन के दो दलों के बीच तल्ख बयानबाजी अब पुरानी बात हो गई है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब एक कैबिनेट मंत्री ने अपने ही सहयोगी मंत्री को लेकर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया हो। गठबंधन में इतना सब कुछ होने के बाद दोनों दलों के बड़े नेताओं की चुप्पी यह बता रही है कि अपमान का घूंट पीकर भी सरकार में बने रहना दोनों दलों की विवशता है। 

विस्तार

बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग मुद्दे पर समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी के मंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश के बाद बिहार में सरकार चला रहे एनडीए के बीच अब बात सिर्फ जुबानी जंग तक सीमित नहीं रही। अब जदयू-भाजपा के बीच तलवारे खिंचती दिख रही हैं। शनिवार को नीतीश कैबिनेट में शामिल जदयू कोटे के मंत्री मदन सहनी ने भाजपा कोटे के मंत्री जीवेश कुमार के बयान के बाद कहा, मैं नेता हूं। कोई दलाल नहीं। 

बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार ने कहा, बिहार में अफसरशाही हावी नहीं है। बिहार में जनता का काम हो रहा है। इसके बाद सहनी से पूछा गया कि बिहार के मंत्री जीवेश कुमार का कहना है कि बिहार में अफसरशाही हावी नहीं है।

इस पर सहनी ने कहा, कुमार दो-दो विभाग के मंत्री हैं। किस व्यवसाय से यहां तक पहुंचे हैं। मैं सब जानता हूं। वह दवा के व्यवसाय से यहां तक पहुंचे हैं। दरअसल कुमार मिथिलांचल के जाले से विधायक हैं और भारतीय जनता पार्टी में उन्हें एक ब्राह्मण चेहरा के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा रहा है। जबकि मदन सहनी नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं और फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के बेहद खास लोगों में शुमार हैं। 

श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार ने कहा, मंत्री सहनी ने क्या बोला है वह जाने, लेकिन उनके प्रति मेरे मन में कोई भी दुर्भावना नहीं है। इधर विपक्ष ने इस घटना पर चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, दोनों मंत्री एक ही जिले से आते हैं एक दूसरे को बहुत पहले से जानते हैं इसलिए, दोनों को दोनों की खूबियां और खामियां पता हैं।

पहली बार कैबिनेट मंत्रियों में नोकझोंक

गठबंधन के दो दलों के बीच तल्ख बयानबाजी अब पुरानी बात हो गई है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब एक कैबिनेट मंत्री ने अपने ही सहयोगी मंत्री को लेकर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया हो। गठबंधन में इतना सब कुछ होने के बाद दोनों दलों के बड़े नेताओं की चुप्पी यह बता रही है कि अपमान का घूंट पीकर भी सरकार में बने रहना दोनों दलों की विवशता है। 

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