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प्रवचन: भौतिक वस्तुओं में नहीं, ईश्वर में छिपी है खुशी, पूर्व डीजीपी से कथावाचक बने गुप्तेश्वर पांडेय बोले

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 27 Jun 2021 03:36 PM IST

सार

गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के बिरले आईपीएस अधिकारी रहे। वे पहले डीजीपी बने, फिर नेता और अब धर्म व अध्यात्म में रम गए हैं। उन्हें भगवान की लगन लगी है। वे प्रवचन दे रहे हैं। 
 

कथावाचन करते गुप्तेश्वर पांडेय
– फोटो : सोशल मीडिया

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प्रवचनकार गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि एक वक्त ऐसा आता है जब आप जीवन का उद्देश्य समझने का प्रयास करते हैं और ईश्वर को जानना चाहते हैं, मैं भी इसका अपवाद नहीं हूं। अब मेरी रुचि सिर्फ ईश्वर में रह गई है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ है।

पांडेय बिहार पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी यानी डीजीपी रह चुके हैं। इसके बाद वे जदयू नेता रहे और अब धार्मिक प्रवचनकार बन गए हैं। वे प्रचवन के माध्यम से अध्यात्म का अलख जगा रहे हैं। पांडेय ने कहा ‘हम सोचते हैं कि भौतिक उपलब्लधियां हमें खुशियां देंगी, लेकिन असल खुशी ईश्वर में निहीत है। मैं अब सिर्फ ईश्वर की सेवा करना चाहता हूं।’
 

जूम एप के जरिए कथावाचन

पांडेय हमेशा कुछ नया करने को लेकर चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर पूर्व डीजीपी का कथावाचन करते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक पोस्टर में कथावाचक के तौर पर उनकी तस्वीर लगी है और लोगों को जूम ऐप के जरिए कथा वाचन के लिए जुड़ने का आमंत्रण दिया जा रहा है। 

कानून की बातें समझा रहे हैं पांडेय
सोशल मीडिया पर उनके कथा वाचन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सुना जा सकता है कि कथा के दौरान वो लोगों को कानून की धाराएं बड़े सलीके से समझा रहे हैं। कथा के दौरान वो कहते हैं आज के समय की कानून व्यवस्था ब्रिटिश शासन की देन है। हत्या के बाद उसका उद्देश्य देखा जाता है। अगर किसी के ऊपर पत्थर फेंका जाए और उससे अगले की मौत हो जाती है तो उसका मकसद देखा जाता है, अगर उसके पीछे का मकसद ऐसा नहीं मिला तो वो हत्या नहीं है।

विस्तार

प्रवचनकार गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि एक वक्त ऐसा आता है जब आप जीवन का उद्देश्य समझने का प्रयास करते हैं और ईश्वर को जानना चाहते हैं, मैं भी इसका अपवाद नहीं हूं। अब मेरी रुचि सिर्फ ईश्वर में रह गई है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ है।

पांडेय बिहार पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी यानी डीजीपी रह चुके हैं। इसके बाद वे जदयू नेता रहे और अब धार्मिक प्रवचनकार बन गए हैं। वे प्रचवन के माध्यम से अध्यात्म का अलख जगा रहे हैं। पांडेय ने कहा ‘हम सोचते हैं कि भौतिक उपलब्लधियां हमें खुशियां देंगी, लेकिन असल खुशी ईश्वर में निहीत है। मैं अब सिर्फ ईश्वर की सेवा करना चाहता हूं।’

 

जूम एप के जरिए कथावाचन

पांडेय हमेशा कुछ नया करने को लेकर चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर पूर्व डीजीपी का कथावाचन करते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक पोस्टर में कथावाचक के तौर पर उनकी तस्वीर लगी है और लोगों को जूम ऐप के जरिए कथा वाचन के लिए जुड़ने का आमंत्रण दिया जा रहा है। 

कानून की बातें समझा रहे हैं पांडेय

सोशल मीडिया पर उनके कथा वाचन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सुना जा सकता है कि कथा के दौरान वो लोगों को कानून की धाराएं बड़े सलीके से समझा रहे हैं। कथा के दौरान वो कहते हैं आज के समय की कानून व्यवस्था ब्रिटिश शासन की देन है। हत्या के बाद उसका उद्देश्य देखा जाता है। अगर किसी के ऊपर पत्थर फेंका जाए और उससे अगले की मौत हो जाती है तो उसका मकसद देखा जाता है, अगर उसके पीछे का मकसद ऐसा नहीं मिला तो वो हत्या नहीं है।

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