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नवरात्रि में भूलकर भी न करें ये 7 काम, मां दुर्गा हो सकती हैं नाराज

नई दिल्ली. Navratri 2021: आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है. इन 9 दिनों में माता रानी की उपासना की जाती है. भक्त इन दिनों मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा अनुष्ठान करते हैं. माता की पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. ऐसे में अगर आप भी घर में कलश की स्थापना करते हैं या फिर माता की पूजा-अर्चना करते हैं तो आपको कुछ बातों का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए.

घर अकेला न छोड़ें

यदि आपने घर में कलश स्थापना की है या माता की चौकी या अखंड ज्योति जला रखी है तो घर खाली ना छोड़ें. यानी घर में हर समय किसी न किसी का होना बहुत जरूरी है.

नैवेद्य चढ़ाना न भूलें

अगर आपने घर में नवरात्रि के उपलक्ष्य में कलश की स्थापना की है तो मान लीजिए कि आपने देवी को घर पर आमंत्रित किया है. अत: दोनों समय उनकी पूजा-आरती करें और नैवेद्य चढ़ाना न भूलें.

 

कामों को करने से बचें

नवरात्रि में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है. नौ दिनों तक सूर्योदय के साथ ही स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए. इस दौरान काले रंग के परिधान न पहनें और न ही चमड़े की बेल्ट पहनें. नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून भी नहीं कटवाने चाहिए.

कन्याओं का दिल न दुखाएं

 

कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना गया है. यही कारण है कि नवरात्रि में कन्या पूजन या कंजका पूजन कर लोग पुण्य की प्राप्ति करते हैं. देवी पुराण में उल्लेखित है कि मां भगवती उन्हीं की पूजा-अर्चना स्वीकार करती हैं, जो नारी का पूरा आदर-सम्मान करते हैं. नारी की इज्जत करने वालों से मां लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती हैं.

 

कलह से दूर रहें

देवी मां की पूजा शांति, श्रद्धा एवं प्रेम के साथ की जानी चाहिए. नवरात्रि के दिनों में घर में कलह, द्वेष और किसी का अपमान किए जाने पर घर में अशांति रहती है और बरकत भी नहीं होती.

लहसुन-प्याज न खाएं

नवरात्रि के पावन दिनों में प्याज लहसुन और मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. आहार, व्यवहार और विचार में आपको सात्विकता होना जरूरी है ताकि नवरात्रि के व्रत का पूरा लाभ मिल सकेगा.

किसी को परेशान न करें

नवरात्रि के दिनों में किसी को बेवजह परेशान न करें. खासकर मूक और बेबस पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करना चाहिए. इनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था अवश्य करें. गौरतलब है कि मां दुर्गा का वाहन भी एक पशु है.

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