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बिहार: मुजफ्फरपुर के किसानों ने नष्ट किए टमाटर, लॉकडाउन के कारण नहीं मिल रहे दाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 13 May 2021 07:55 PM IST

सार

देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन का असर खेती पर भी जबर्दस्त पड़ा है। किसानों का सब्जियों के दाम नहीं मिल रहे हैं। इसी कारण वे उपज नष्ट करने लगे हैं। 
 

टमाटर नहीं बिके तो फेंके
– फोटो : amar ujala

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देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन का असर खेती पर भी जबर्दस्त पड़ा है। किसानों का सब्जियों के दाम नहीं मिल रहे हैं। इसी कारण वे उपज नष्ट करने लगे हैं। 

बिहार के किसानों ने वाजिब दाम नहीं मिलने के कारण टमाटर और उसकी फसल नष्ट करना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के मझौलिया पंचायत क्षेत्र में किसानों ने कई कैरेट टमाटर सड़कों पर फेंक दिए और उन्हें ट्रेक्टरों से रौंद दिया।

किसानों के अनुसार 10 बीघा जमीन में टमाटर उगाने की लागत करीब दो लाख रुपये आती है, लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें लागत में से 70 हजार रुपये भी नहीं मिल रहे हैं। इसी कारण मुजफ्फरपुर के किसानों के एक समूह ने अपनी टमाटर की उपज का नष्ट कर दिया। इन टमाटरों पर ट्रैक्टर चलवा दिए गए। 

एक कैरेट टमाटर 25 रुपये में 
किसानों का कहना है कि एक कैरेट में 25 किलो टमाटर आते हैं। इनकी कीमत आम दिनों में औसत 350 रुपये मिलती है। कोरोना के कारण लॉकडाउन से टमाटर दूसरे शहरों में नहीं हो पा रही है। गांवों में ही माल बेचना पड़ रहा है। जो भी खरीदार आता है वह मात्र 20 से 25 रुपये में एक कैरेट टमाटर खरीदना चाहता है। 

मजबूरी में नष्ट कर रहे किसान
लागत नहीं निकलने पर मजबूरी में किसान बचे-खुचे टमाटरों व उसकी फसल नष्ट कर खेत खाली करना चाहते हैं, ताकि वे दूसरी उपज ले सकें। 

विस्तार

देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन का असर खेती पर भी जबर्दस्त पड़ा है। किसानों का सब्जियों के दाम नहीं मिल रहे हैं। इसी कारण वे उपज नष्ट करने लगे हैं। 

बिहार के किसानों ने वाजिब दाम नहीं मिलने के कारण टमाटर और उसकी फसल नष्ट करना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के मझौलिया पंचायत क्षेत्र में किसानों ने कई कैरेट टमाटर सड़कों पर फेंक दिए और उन्हें ट्रेक्टरों से रौंद दिया।

किसानों के अनुसार 10 बीघा जमीन में टमाटर उगाने की लागत करीब दो लाख रुपये आती है, लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें लागत में से 70 हजार रुपये भी नहीं मिल रहे हैं। इसी कारण मुजफ्फरपुर के किसानों के एक समूह ने अपनी टमाटर की उपज का नष्ट कर दिया। इन टमाटरों पर ट्रैक्टर चलवा दिए गए। 

एक कैरेट टमाटर 25 रुपये में 

किसानों का कहना है कि एक कैरेट में 25 किलो टमाटर आते हैं। इनकी कीमत आम दिनों में औसत 350 रुपये मिलती है। कोरोना के कारण लॉकडाउन से टमाटर दूसरे शहरों में नहीं हो पा रही है। गांवों में ही माल बेचना पड़ रहा है। जो भी खरीदार आता है वह मात्र 20 से 25 रुपये में एक कैरेट टमाटर खरीदना चाहता है। 

मजबूरी में नष्ट कर रहे किसान

लागत नहीं निकलने पर मजबूरी में किसान बचे-खुचे टमाटरों व उसकी फसल नष्ट कर खेत खाली करना चाहते हैं, ताकि वे दूसरी उपज ले सकें। 

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