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कथावाचक बने पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय बोले- मैं राजनीति में फेल, नीतीश कुमार ने नहीं दिया धोखा

पटना. बिहार के पूर्व डीजीपी और अब कथावाचक बन चुके गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने राजनीति में अपनी हार स्वीकार कर ली है. डीजीपी का पद छोड़ने के बाद गुप्तेशवर पांडेय ने राजनीति में भाग्य आजमाने की कोशिश लेकिन विफल रहे. इसके बाद कुछ महीनों तक वो गुप्त रहे लेकिन अचानक कथावाचक के रूप में प्रकट होने के साथ ही एक बार फिर से चर्चा में आ गए. इस बीच उन्होंने सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने मुझे कोई धोखा नहीं दिया है.

राजनीति में आने का सपना देखना गलत था

डीजीपी के पद से रिटायर होने के 6 महीना पहले ही वीआरएस लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय जेडीयू में शामिल हुए थे. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था. जेडीयू में शामिल होने से पहले ही वो बक्सर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. जेडीयू में शामिल होने के बाद वो जोर शोर से चुनावी तैयारी में लग गये लेकिन ऐन वक्त पर नीतीश कुमार उन्हें टिकट नहीं दिला सके, लिहाजा समय से पहले वीआरएस लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय न घऱ के रहे न घाट के. इसके बाद वो पूरी तरह से अगल हो गये। आज उन्होंने बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे कोई धोखा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि कोई सिर्फ विधायक के टिकट के लिए डीजीपी की नौकरी नही छोड़ता. मेरा भरोसा सिर्फ ईश्वर पर है .राजनीति में आने का सपना देखना गलत था.

भगवान के अलावे किसी चीज में रूची नहीं

पटना में न्यूज18 से बातचीत करते हुए पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अब मुझे भगवान के अलावे किसी किसी दूसरी चीज में रूची नहीं. मैं पहले से कथावाचन करते रहा हूं. यह कोई आज का नहीं बल्कि काफी समय से भगवत गीता का पाठ करते आ रहा हूं. किसी ने सोशल मीडिया मीडिया में तस्वीर डाल दी तो अब लोग जाने हैं कि मैं कथावाचक भी हूं.

मैं राजनीति में फेल हो गया

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने आगे कहा कि मैं राजनीति में फेल हो गया.  उन्हें एक मौका मिला था लेकिन उसमें हम फेल साबित हुए. पांडेय ने कहा कि राजनीति करना इतना आसान काम नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि राजनीति करने के लिए जो योग्यता चाहिए वह मुझमें नहीं है. हर आदमी चाहता है कि वो विधायक और मंत्री बने लेकिन नेता बनने के लिए बहुत गुण और ऊंची योग्यता चाहिए. गुप्तेश्वर पांडेय ने स्वीकार किया कि मुझमें वो योग्यता नहीं. मैं उस लायक नही हूं.

देश-विदेश से मिल रहे ऑफर

गुप्तेश्वर पांडेय ने आगे कहा कि कथा वाचन के लिए मुझे देश-विदेश से बुलावा आ रहा है. कई देश के लोगों ने संपर्क साधा है. हम कथा वाचन सिर्फ चित्त शुद्धि के लिए करते हैं. अब सांसारिक बातों में मेरी बहुत रूचि नहीं है. मालूम हो कि खाकी के बाद खादी और अब गेरूआ वस्त्र धारण करने की तस्वीर सामने आने के बाद पूर्व डीजीपी की खूब किरकिरी हो रही थी. इन चर्चाओं के बीच गुप्तेश्वर पांडेय सामने आये और हर मसले पर अपनी सफाई दी. पूर्व डीजीपी ने साफ कर दिया कि वो राजनीति में फेल हो गये हैं और राजनेता बनने की योग्यता उनमें नहीं है.

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