.wpmm-hide-mobile-menu{display:none}
ताजा समाचार बिहार

PM मोदी की पटना रैली में हुए धमाके से लेकर दरभंगा ब्लास्ट तक, जानें बिहार का आतंक कनेक्शन

रजनीश चंद्र

पटना. पन्द्रह दिन के अंदर बिहार के चार जिलों में धमाके की गूंज ने पुलिस के कान खड़े कर दिये हैं. 8 जून को बांका के एक मदरसे (Banka Madarsa Blast) में, 10 जून को अररिया में, 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर और 20 जून को सीवान में हुए विस्फोट के बाद से पुलिस समेत जांच एजेंसियां भी सकते में हैं. बांका के मदरसे में शक्तिशाली विस्फोट का मामला सुलझा भी नहीं था कि दरभंगा रेलवे स्टेशन (Darbhanga Station Blast) के प्लेटफार्म नंबर एक पर एक पार्सल में हुए विस्फोट ने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिये. दरभंगा विस्फोट की जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. बिहार, झारखंड, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर तक जांच का दायरा फैल गया है. अब इसके तार तो पाकिस्तान से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं, इसलिए एनआईए जैसी एजेंसी को जांच का जिम्मा दिये जाने की बात कही जा रही है.

बिहार से पहले भी रहा है आतंकी कनेक्शन

आतंकवादियों का बिहार से संबंध कोई नया नहीं है. साल 2000 में पहली बार सीतामढ़ी से दो आतंकवादी पकड़े गये थे. आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के मकबूल और जहीर की गिरफ्तारी के बाद से अब तक कई आतंकवादियों को बिहार से गिरफ्तार किया जा चुका है. कई खुफिया रिपोर्ट में बिहार के सीमांचल और मिथिलांचल इलाके में आतंकी गतिविधि की चर्चा है खासकर नेपाल के सीमावर्ती जिलों से आतंकवादी बिहार में आसानी से प्रवेश करते हैं और निकल भी जाते हैं. नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण जिले से ही आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के यासीन भटकल और अब्दुल असगर उर्फ हड्डी को गिरफ्तार किया गया था. मुंबई की लोकल ट्रेन में ब्लास्ट मामले में मो. कमाल को गिरफ्तार किया गया था जो बिहार के मधुबनी का रहने वाला था. कमाल स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का सदस्य था.

एक दर्जन से अधिक आतंकी और संदिग्धों की गिरफ्तारी

देश में साल 2014 से पहले हुए कई बम धमाकों के मामले में गिरफ्तार आतंकियों में से एक दर्जन दरभंगा के ही निवासी निकले थे. यहां तक कि पुलवामा में हुए आतंकी गतिविधि का तार बांका से जुड़ा था. बिहार में आतंकियों का फोकस स्लीपर सेल बनाने पर रहा है. स्‍थानीय स्‍तर पर वारदात करना, उनकी प्राथमिकता में नहीं है. हालांकि कभी-कभी बड़ी वारदातें भी हुईं हैं. उदाहरणस्वरुप 27 अक्टूबर 2013 को पटना में बीजेपी की चुनावी रैली में सीरियल धमाके को लिया जा सकता है. धमाके में कई लोगों की जान चली गयी थी. बोधगया के महाबोधि मंदिर में आतंकी हमले की जांच में भी रोहंगिया आतंकी स्लीपर सेल की भागीदारी सामने आयी थी. बांका और दरभंगा में हुए विस्फोट के पीछे कौन-कौन लोग हैं. इसका जल्द से जल्द पता करना आवश्यक है ताकि आतंकियों के नापाक मंसूबे को ध्वस्त किया जा सके और उनके नेटर्वक को भी पंगु बनाया जा सके.

Darbhanga railway staition, Darbhanga news, Bihar news, secunderabad parcel

17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर एक पार्सल में विस्फोट हुआ था.

सीसीटीवी फुटेज से क्या जानकारी मिली ?

पिछले दिनों दरभंगा स्टेशन पर हुए ब्लास्ट की जांच जारी है. जांच एजेंसियां दरभंगा स्टेशन पर और सिकदंराबाद स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच कर रही है. इसके आधार पर ही जांच में पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं. दरभंगा स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज की जांच में विस्फोट के समय पुलिस को बैचेनी की हालत में इधर उधर जाते हुए एक व्यक्ति दिखायी दे रहा है.जो उजले रंग का कुर्ता पैजामा और टोपी पहने हुए है और मास्क लगाये हुए है.यह शख्स फोन पर किसी से बात करता दिख रहा है. जांच एजेंसियां यह पता करने में जुट गयी है कि वह किससे बात कर रहा था. सिंकदराबाद स्टेशन पर भी लगे सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है. फुटेज में कार और बाइक सवार नजर आ रहे हैं जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही है. इन दोनों गाड़ियों पर छह लोग सवार दिख रहे हैं. कार से चार लोग पार्सल को ले जाते दिखे हैं. ये पार्सल वैसा ही दिख रहा है जो दरभंगा भेजा गया था. तेलंगाना एटीएस ने पार्सल भेजने वाले का स्कैच भी तैयार किया है. इधर दरभंगा में पार्सल क्लर्क से पूछताछ के बाद बिहार रेल पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि पिछले एक साल में इस नाम से क्या पहले भी कोई पार्सल आया था, अगर आया भी था तो कहां से आया था.

Follow Me:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *