.wpmm-hide-mobile-menu{display:none}
ताजा समाचार बिहार

बिहार: शराबबंदी पर नीतीश सरकार में दो फाड़, मांझी बोले- शराब पीने में कोई बुराई नहीं

अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 30 Jun 2021 04:08 AM IST

जीतन राम मांझी (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर सरकार में दो फाड़ हो गई है। एनडीए में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी शराबबंदी कानून के खिलाफ खड़े हो गए हैं। मांझी ने एक बार फिर कहा है कि शराब पीने में कोई बुराई नहीं है। सीमित मात्रा में शराब पीना सेहत के लिए अच्छा है।

मांझी के इस बयान के बाद जदयू खेमे में चुप्पी छा गई है। माना जा रहा है कि केंद्र में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मांझी गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मांझी बिहार सरकार में अपनी पार्टी के लिए और ज्यादा हिस्सेदारी चाहते हैं। शराब के पक्ष में दिया गया मांझी का बयान सीधे नीतीश कुमार की मर्जी के खिलाफ बयान है।

अब तक मांझी गठबंधन के सहयोगी भाजपा के खिलाफ ही खुलकर बयान देते देखे गए हैं, लेकिन अब नीतीश कुमार के खिलाफ खुल कर बोल पड़े हैं। यह भी माना जा रहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जेल से निकलने के बाद बिहार के बदले सियासी समीकरण को मांझी अच्छी तरह से भांप गए हैं और वह सरकार पर दबाव बनाकर दोनों तरफ अपने लिए संभावनाओं के द्वार खुले रखना चाहते हैं।

नीतीश सरकार पर विपक्ष ने ली चुटकी
मांझी के इस बयान के बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार पर चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा है कि बिहार एनडीए में सहयोगी दल काफी असहज महसूस कर रहे हैं। हम प्रमुख जीतन राम मांझी और वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी की असहजता कई बार दिख चुकी है। उन दोनों को चाहिए कि महागठबंधन में शामिल होकर बिहार में एक साफ-सुथरी सरकार बनवाएं और शराबबंदी कानून के तहत झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजे गए हजारों लोगों को जेल से निकलवाने में मदद करें।

विस्तार

बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर सरकार में दो फाड़ हो गई है। एनडीए में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी शराबबंदी कानून के खिलाफ खड़े हो गए हैं। मांझी ने एक बार फिर कहा है कि शराब पीने में कोई बुराई नहीं है। सीमित मात्रा में शराब पीना सेहत के लिए अच्छा है।

मांझी के इस बयान के बाद जदयू खेमे में चुप्पी छा गई है। माना जा रहा है कि केंद्र में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मांझी गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मांझी बिहार सरकार में अपनी पार्टी के लिए और ज्यादा हिस्सेदारी चाहते हैं। शराब के पक्ष में दिया गया मांझी का बयान सीधे नीतीश कुमार की मर्जी के खिलाफ बयान है।

अब तक मांझी गठबंधन के सहयोगी भाजपा के खिलाफ ही खुलकर बयान देते देखे गए हैं, लेकिन अब नीतीश कुमार के खिलाफ खुल कर बोल पड़े हैं। यह भी माना जा रहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जेल से निकलने के बाद बिहार के बदले सियासी समीकरण को मांझी अच्छी तरह से भांप गए हैं और वह सरकार पर दबाव बनाकर दोनों तरफ अपने लिए संभावनाओं के द्वार खुले रखना चाहते हैं।

नीतीश सरकार पर विपक्ष ने ली चुटकी

मांझी के इस बयान के बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार पर चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा है कि बिहार एनडीए में सहयोगी दल काफी असहज महसूस कर रहे हैं। हम प्रमुख जीतन राम मांझी और वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी की असहजता कई बार दिख चुकी है। उन दोनों को चाहिए कि महागठबंधन में शामिल होकर बिहार में एक साफ-सुथरी सरकार बनवाएं और शराबबंदी कानून के तहत झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजे गए हजारों लोगों को जेल से निकलवाने में मदद करें।

Follow Me:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *