ताजा समाचार बिहार

पप्पू यादव बोले: मेरी गिरफ्तारी को 50 दिन हो गए, पूछा- ये इंसानियत है या हैवानियत?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 01 Jul 2021 09:21 PM IST

सार

जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव इस समय जेल में हैं। गुरुवार को उन्हें जेल में रहते हुए 50 दिन हो गए। इस पर उन्होंने एक ट्वीट कर खुद को निर्दोष बताया और इसे अपने खिलाफ एक साजिश करार दिया।

ख़बर सुनें

32 साल पुराने एक अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए जन अधिकार पार्टी (जाप) के मुखिया पप्पू यादव ने इसे लेकर शिकायत जताई है। यादव ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा कि मेरी गिरफ्तारी को 50 दिन पूरे हो गए हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को एक साजिश करार देते हुए सवाल उठाया कि मुझे कैद करने से किसका मकसद सिद्ध हो रहा है। 

पप्पू यादव ने ट्वीट में कहा, ‘मेरी गिरफ्तारी के आज 50 दिन हो गए। क्या यह न्याय है या, अन्याय? क्या यह इंसानियत है या हैवानियत? आखिर मुझे कैद करने से किसका मकसद सिद्ध हो रहा है? किसे बचाने को यह षडयंत्र रचा गया?’ इससे पहले जेल में रहते हुए एक महीना पूरा होने पर भी उन्होंने राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर सवाल उठाए थे।

यादव को 11 मई को बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर हुई थी। वहीं, उसी दिन शाम को बिहार पुलिस की एक टीम मधेपुरा से पटना पहुंची और 32 साल पुराने एक अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर उन्हें लेकर मधेपुरा चली गई। फिर उन्हें सुपौल की वीरपुर जेल भेज दिया था। 

विस्तार

32 साल पुराने एक अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए जन अधिकार पार्टी (जाप) के मुखिया पप्पू यादव ने इसे लेकर शिकायत जताई है। यादव ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा कि मेरी गिरफ्तारी को 50 दिन पूरे हो गए हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को एक साजिश करार देते हुए सवाल उठाया कि मुझे कैद करने से किसका मकसद सिद्ध हो रहा है। 

पप्पू यादव ने ट्वीट में कहा, ‘मेरी गिरफ्तारी के आज 50 दिन हो गए। क्या यह न्याय है या, अन्याय? क्या यह इंसानियत है या हैवानियत? आखिर मुझे कैद करने से किसका मकसद सिद्ध हो रहा है? किसे बचाने को यह षडयंत्र रचा गया?’ इससे पहले जेल में रहते हुए एक महीना पूरा होने पर भी उन्होंने राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर सवाल उठाए थे।

यादव को 11 मई को बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर हुई थी। वहीं, उसी दिन शाम को बिहार पुलिस की एक टीम मधेपुरा से पटना पहुंची और 32 साल पुराने एक अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर उन्हें लेकर मधेपुरा चली गई। फिर उन्हें सुपौल की वीरपुर जेल भेज दिया था। 

Follow Me:

Related Posts

Leave a Reply