.wpmm-hide-mobile-menu{display:none}
ताजा समाचार

राम मंदिर ट्रस्ट स्कैम: शिवसेना बोली, पीएम नरेंद्र मोदी दें दखल, बीजेपी का पलटवार- भरोसा नहीं तो वापस ले लो चंदा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में कथित जमीन घोटाले को लेकर शिवसेना की ओर से लगातार हमला जारी है। अब शिवसेना ने इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दखल दिए जाने की मांग की है। शिवसेना ने कहा कि यदि राम मंदिर के निर्माण में घोटाले का दाग लगा है तो खुद पीएम मोदी को दखल देना चाहिए। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में मंगलवार को कहा गया कि राम मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार होनी चाहिए क्योंकि यह राष्ट्रीय गर्व का मामला है। इससे पहले सोमवार को शिवसेना के नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने भी ट्रस्ट पर हमला बोला था।

यही नहीं संजय राउत ने कहा था कि जमीन की खरीद में गड़बड़ी का जो आरोप आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने लगाया है, वह सनसनीखेज है। इन आरोपों को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मंदिर के ट्रस्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लोगों के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए। अब सामना के संपादकीय में सीधे पीएम नरेंद्र मोदी के ही दखल की मांग की गई है। अखबार ने लिखा, ‘राम मंदिर का निर्माण और उसकी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार होनी चाहिए। इस बात की उम्मीद है कि ऐसी कोई घटना नहीं होगी, जिससे करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचे। लेकिन इसी बीच यह वाकया सामने आया है। यह आरोप कितना सच है या गलत है, इस बारे में जल्द से जल्द सच्चाई सामने आनी चाहिए।’

शिवसेना के मुखपत्र ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय गर्व का विषय है। यदि इसके निर्माण पर कोई दाग लगा है तो फिर सीधे पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को दखल देना चाहिए। इस मामले के सामने के बाद से ही शिवसेना लगातार बीजेपी पर हमला बोलने की कोशिश में जुटी है। इस बीच बीजेपी ने भी शिवसेना पर तीखा पलटवार किया है। मुंबई से बीजेपी के विधायक अतुल भाटखलकर ने शिवसेना पर हमला बोलते हुए कहा कि वह राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर लगातार आरोप लगा रही है। उसके यह आरोप देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले हैं। 

यही नहीं संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटखलकर ने कहा कि शिवसेना ने राम मंदिर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का दान किया है। वह चाहे तो अपनी इस रकम को वापस ले सकती है। भाटखलकर ने कहा कि लोगों ने इस मामले में दान दिया है और उन्हें पूरी आस्था भी है। यदि शिवसेना को भरोसा नहीं है तो फिर वह अपनी 1 करोड़ रुपये की रकम वापस ले सकती है।

संबंधित खबरें

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: