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लोजपा में बगावत: बागी चाचा बोले- मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं बचाया है, चिराग चाहें तो कर सकते हैं साथ काम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 14 Jun 2021 10:52 AM IST

सार

पार्टी में चल रही उठापटक के बीच सोमवार को पशुपति पारस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि उन्होंने पार्टी को तोड़ा नहीं बचाया है। साथ ही कहा कि उन्हें चिराग पासवान से कोई नाराजगी नहीं है, अगर वे चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं। 

चिराग के चाचा पशुपति पारस पासवान
– फोटो : ANI

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दिवंगत दिग्गज नेता रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) टूट गई है। लोजपा के पांचों बागी सांसदों ने मिलकर चिराग पासवान को पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया है और उनके बागी चाचा पशुपति पारस पासवान को नया नेता चुना है। पार्टी में चल रही उठापटक के बीच सोमवार को पशुपति पारस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि उन्होंने पार्टी को तोड़ा नहीं बचाया है। साथ ही कहा कि उन्हें चिराग पासवान से कोई नाराजगी नहीं है, अगर वे चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं। 

लोक जनशक्ति पार्टी में टूट हो गई है। इसे लेकर पशुपति पारस ने सोमवार को कहा कि हमारे भाई चले गए, हम बहुत अकेला महसूस कर रहे हैं। भाई के जाने के बाद पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई, तब सभी को उम्मीद थी कि वर्ष 2014 की तरह इस बार भी हम एनडीए के साथ बने रहें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी, असमाजिक तत्व आ रहे थे, एनडीए से गठबंधन को तोड़ दिया और कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई।

पारस बोले- चिराग चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं
पशुपति पारस ने कहा, ”हमारी पार्टी के पांच सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी को बचाना जरूरी है। मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है। जब तक मैं जिंदा हूं, पार्टी को जिंदा रखूंगा। चिराग पासवान मेरे भतीजे हैं। मुझे चिराग पासवान से कोई दिक्कत नहीं है। अभी भी वास्तविक पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी ही है। अभी तक चिराग पासवान ही पार्टी के अध्यक्ष हैं, लेकिन अब वे चाहें तो आगे भी पार्टी में रह सकते हैं। हमें उनसे कोई शिकायत नहीं।”

 जनता दल (यू) में शामिल होने की बात पर पशुपति पारस ने कहा कि वे शुरुआत से एनडीए के साथ रहे हैं और आगे भी एनडीए के साथ ही रहेंगे। पशुपति पारस ने कहा कि वह नीतीश कुमार को एक अच्छा नेता मानते हैं, वह विकास पुरुष हैं।

बता दें कि चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने बीते दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिख कर पांचों सांसदों को अलग मान्यता देने की मांग की थी। साथ ही खुद को पार्टी का नेता बताया गया। पशुपति पारस का कहना है कि वह स्पीकर के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। 

विस्तार

दिवंगत दिग्गज नेता रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) टूट गई है। लोजपा के पांचों बागी सांसदों ने मिलकर चिराग पासवान को पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया है और उनके बागी चाचा पशुपति पारस पासवान को नया नेता चुना है। पार्टी में चल रही उठापटक के बीच सोमवार को पशुपति पारस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि उन्होंने पार्टी को तोड़ा नहीं बचाया है। साथ ही कहा कि उन्हें चिराग पासवान से कोई नाराजगी नहीं है, अगर वे चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं। 

लोक जनशक्ति पार्टी में टूट हो गई है। इसे लेकर पशुपति पारस ने सोमवार को कहा कि हमारे भाई चले गए, हम बहुत अकेला महसूस कर रहे हैं। भाई के जाने के बाद पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई, तब सभी को उम्मीद थी कि वर्ष 2014 की तरह इस बार भी हम एनडीए के साथ बने रहें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी, असमाजिक तत्व आ रहे थे, एनडीए से गठबंधन को तोड़ दिया और कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई।

पारस बोले- चिराग चाहें तो पार्टी में रह सकते हैं

पशुपति पारस ने कहा, ”हमारी पार्टी के पांच सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी को बचाना जरूरी है। मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है। जब तक मैं जिंदा हूं, पार्टी को जिंदा रखूंगा। चिराग पासवान मेरे भतीजे हैं। मुझे चिराग पासवान से कोई दिक्कत नहीं है। अभी भी वास्तविक पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी ही है। अभी तक चिराग पासवान ही पार्टी के अध्यक्ष हैं, लेकिन अब वे चाहें तो आगे भी पार्टी में रह सकते हैं। हमें उनसे कोई शिकायत नहीं।”

 जनता दल (यू) में शामिल होने की बात पर पशुपति पारस ने कहा कि वे शुरुआत से एनडीए के साथ रहे हैं और आगे भी एनडीए के साथ ही रहेंगे। पशुपति पारस ने कहा कि वह नीतीश कुमार को एक अच्छा नेता मानते हैं, वह विकास पुरुष हैं।

बता दें कि चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने बीते दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिख कर पांचों सांसदों को अलग मान्यता देने की मांग की थी। साथ ही खुद को पार्टी का नेता बताया गया। पशुपति पारस का कहना है कि वह स्पीकर के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। 

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