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नवादा जिले का पहचान था सद्भावना स्तंभ, NH चौड़ीकरण के जद में आया; जानिए इतिहास

नवादा. सदभाव और आपसी भाईचारा का प्रतीक जिले का सद्भावना पिलर इन दिनों एक बार फिर से चर्चा में है. सद्भावना चौक स्थित सद्भावना पिलर ने जिले को एक अलग पहचान दी थी. सभी धर्म के लोगों को एकजुट करने में इसने अहम भूमिका निभाई थी लेकिन एनएच के चौड़ीकरण की जद में आने से निर्माण एजेंसी ने इसे हटा दिया है. जानिए इस सद्भावना चौक की कहानी.

बात सन 2000 के शुरुआती दौर की है, जब नवादा साम्प्रदायिक आग में झुलस रहा था. समाज मे आपसी भाईचारा लाने के लिए इसकी नींव रखी गई. यूथ क्लब और मिशन कायाकल्प के जिला संरक्षक समाजसेवी राजीव नयन ने जिला प्रसाशन को एक प्रस्ताव दिया. उस वक़्त के डीएम एन विजयालक्ष्मी और एसपी जेएस गंगवार को प्रस्ताव दिया गया. उसी के तहत जिले में अमन चैन लाने के लिए सर्वधर्म सभा बुलाई गई. पूरे जिले में उस वक़्त सद्भावना मार्च निकाला गया. इसमें सभी धर्मगुरु शामिल हुए और अंत मे शहर के बायपास पटना-रांची एनएच 31 चौक का सद्भावना चौक नाम रखा जाए और एक सद्भावना स्तंभ का निर्माण किया जाए, ऐसा प्रस्ताव रखा गया. फिर प्रस्ताव पर काम हुआ, तब जाकर सद्भावना चौक अस्तित्व में आया.

जिला प्रसाशन और लोगों का खूब मिला सहयोग

तत्कालीन डीएम को इसका चेयरमैन बनाया गया और एसपी को वाइस चेयरमैन जिसे राजीव नयन ने ऑर्गनाइज किया. सद्भावना चौक निर्माण से पहले नगर भवन में एक राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय धर्म बनाम मानवता था. उस वक़्त सर्व धर्म सम्मेलन में सिख धर्म से ज्ञानी इकबाल सिंह, तख्त श्री हर मंदिर पटना साहिब, मुस्लिम धर्म से गुलाम रसूल बलियावी, ईसाई धर्म से फादर जेम्स और हिन्दू से स्वामी प्रज्ञातिर्थ सरस्वती, योग संस्था मुंगेर भाग लिया. इसके बाद नगर भवन में सद्भावना पौधारोपण किया गया जो आज एक वृक्ष का रूप ले चुका है. सभी धर्मगुरुओं ने समाज के लोगों को एकजुट करने का कार्य किया और सद्भावना स्तंभ को स्थापित करने भूमिका निभाई.

लोगों की मेहनत रंग लाई

सभी धर्म के लोगों के द्वारा किये अथक प्रयास का ही नतीजा था कि सद्भावना मिशन पूरी तरह से साकार हुआ. इसमें सबसे अहम भूमिका तत्कालीन डीएम एन विजयालक्ष्मी, एसपी जेएस गंगवार, डीएसपी सुबोध प्रसाद, समाजसेवी उमाशंकर लाल, तारा बाबू, पवन कुमार दीक्षित, काली मुज्जमा, फादर जेम्स, नरेंद्र शर्मा, मोख्तरुल हक़, शिवनंदन शर्मा, यूथ क्लब और मिशन कायाकल्प के संरक्षक राजीव नयन के साथ-साथ संस्था के सदस्य नारायण पांडेय, रूमी, रिजवान, मोहनजी, रविन्द्र आदि लोगों ने निभाई.

फिर से स्थापित हो सद्भावना स्तंभ

शहर के कई लोगों ने इस स्तंभ का निर्माण कराने की मांग जिला प्रसाशन और सरकार से की है. लोगों ने कहा कि विकास कार्य भी होना जरूरी है इसलिए इसका हटाया जाना जरूरी था लेकिन सड़क चौड़ीकरण के बाद एक बार फिर से इसका निर्माण हो और भाईचारा और सद्भाव बना रहे.

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